ऐसे परिवर्तन जिसमें नए गुणों वाले पदार्थो का निर्माण होता है , उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं |
ऐसे पदार्थ जो किसी रासायनिक अभिक्रिया में हिस्सा लेते हैं उन्हें अभिकारक कहते हैं | ऐसे पदार्थ जिनका निर्माण रासायनिक अभिक्रिया में होता है , उन्हें उत्पाद कहते हैं |
उदाहरण :
- भोजन पाचन
- लोहे पर जंग लगना
- दही का बनना
रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार :
1. संयोजन अभिक्रिया : इस अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं |
उदाहरण : 1. कोयले का दहन 2. जल का निर्माण
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया : जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ साथ ऊष्मा का बभी उत्सर्जन होता है
उदाहरण : प्राकृतिक गैस का दहन2. वियोजन अभिक्रिया: इस अभिक्रिया में एकल अभिकारक टूट क्र दो या या उससे अधिक उत्पाद बनाते हैं |
(i) उष्मीय वियोजन : ऊष्मा द्वारा किया गया वियोजन |
(ii) वैधुत वियोजन : वैधुत द्वारा प्रवाहित कर होने वाला वियोजन |
(iii) प्रकाशीय वियोजन : सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में होने वाला वियोजन |
इस अभिक्रिया का उपयोग श्याम – शवेत फोटोग्राफी में होता है |
3. विस्थापन अभिक्रिया: इन अभिक्रियाओं में अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके योगिक से विस्थापित कर देता है |
4. द्विविस्थापन अभिक्रिया: इस अभिक्रिया में उत्पादों का निर्माण, दो यौगिकों के बीच आयनो के आदान प्रदान से होता है |
5. उपचयन तथा अपचयन :
अपचयन: (i) जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्वास होता है |
(ii) जब किसी पदार्थ में हाइड्रोजन की वृद्धि होती है |








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