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विकासखंड - नैनपुर, ज़िला - मंडला (मध्य प्रदेश)

शनिवार, 12 सितंबर 2020

दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं का प्रभाव :

 (i) संक्षारण: जब कोई धातु, आद्रता, अम्ल आदि के संपर्क में आती है, जिससे धातु की ऊपरी पार्ट कमजोर हो | संक्षारित हो जाता है |

लोहे की वस्तुओं पर जंग लगना , ताम्बे के ऊपर हरी पर्त चढ़ना संक्षारण के उदाहरण है |

यशदलेपन, विधुत लेपन अऊर पेंट करके संक्षारण से धातुओं को बचाया जा सकता है |

(ii) विकृतगंधिता : वसायुक्त और तैलीय खाद्यसामग्री , वायु के संपर्क में आने पर उपचयित हो जाती है,जिससे उसके स्वाद और गंध में परिवर्तन हो जाता है , इसे विकृतगंधिता कहते हैं |

  • विकृतगंधिता रोकने के उपाय :
  1.  प्रति ऑक्सीकारक का उपयोग करके
  2. वायु के स्थान पर नाइट्रोजन गैस द्वारा
  3.  शीतलन द्वारा

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