अब पुराने रटे-रटाए प्रश्नों को याद कर विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक नहीं ला पाएंगे, बल्कि उन्हें पूरे चैप्टर को गहराई से पढ़ना होगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने सत्र 2020-21 की बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। परीक्षा तीन घंटे की होगी। अब सभी विषयों में 30 फीसदी वस्तुनिष्ठ आधारित प्रश्न होंगे, 30 फीसदी सब्जेक्टिव, 40 फीसदी तार्किक (समझ-परख) के प्रश्न रहेंगे। मंडल ने हर विषय के पूरे पाठ्यक्रम को तीन यूनिट में बांट दिया है। सभी यूनिट से प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नपत्र में अब दीर्घउत्तरीय प्रश्नों के बदले छोटे-छोटे प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसका उत्तर पूरे चैप्टर को ठीक से समझकर पढ़ने के बाद ही दिया जा सकेगा। हर विषय के 100 अंक के प्रश्नपत्र होगा। इसमें एक, तीन या चार अंक के ही प्रश्न होंगे। पहले की तरह पहले बोर्ड परीक्षा में 25 फीसदी वस्तुनिष्ठ और 75 फीसदी लघु व दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होते थे। मंडल की वेबसाइट पर मंगलवार को प्रश्न पत्र का ब्लू प्रिंट अपलोड कर दिया गया है। अब विद्यार्थी इसके माध्यम से परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। साथ ही मंडल ने हर विषय का प्रश्न बैंक भी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होगी। मंडल का मानना है कि परीक्षा पैटरन को विद्यार्थियों के लिए पहले से आसान बना बिया गया है।
विषय पर आधारित एवं विश्लेषणात्मक प्रश्नों के विकल्प इस प्रकार होंगे
# पांच प्रश्नों में से कोई तीन प्रश्न हल करना अनिवार्य रहेगा।
# छह प्रश्नों में से कोई चार प्रश्न हल करना अनिवार्य रहेगा।
पहले यह होता था:
कुल अंक - 100
वस्तुनिष्ठ प्रश्न - 25 अंक अति लघु उत्तरीय प्रश्न- 10 अंक
(दो अंक के पांच प्रश्न)
लघु उत्तरीय प्रश्न -12 अंक (तीन अक के चार प्रश्न)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न -28 अंक (चार अक के सात प्रश्न)
निबंधात्मक प्रश्न-25 अंक (पाच अंक के पाच प्रश्न)
इस तरह का होगा बदलाव:
कुल अंक 100
30 अंक वस्तुनिष्ठ प्रश्न
30 अंक लघु उत्तरीय प्रश्न
(3-3 अंक के दस प्रश्न) (75 से 100 शब्द)
40 अंक तार्किक प्रश्न
(4-4 अंक के दस प्रश्न) (120 से 150 शब्द)
इस बार बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया गया है। अब वस्तुनिष्ठ प्रश्न अधिक होंगे और दीर्घ उत्तरीय प्रश्ननही होगे।इससे विद्यार्थियों में रटने की प्रवृति खत्म होगी और वे पूरे चैप्टर गहराई से पढ़ेंगे।





















